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इजरायल में मोदी को ट्रम्प से ज्यादा तवज्जो, 70 साल में भारतीय PM का पहला दौरा

Inbooker 18 Jul 4
नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा मंगलवार को शुरू होगा। वे 4 से 6 जुलाई तक इजरायल में रहेंगे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एयरपोर्ट पर मोदी के स्वागत के लिए मौजूद रहेंगे। यह 70 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है। नेतन्याहू ने मोदी के लिए खास डिनर भी रखा है। इस दौरान नेतन्याहू मोदी के साथ हर प्रोग्राम में मौजूद रहेंगे। भारत-इजरायल के रिश्ते के 25 साल पूरे...
- मोदी की ये विजिट इस लिहाज से भी अहम है कि इसी साल दोनों देशों के बीच राजनीतिक रिश्तों के 25 साल भी पूरे हो रहे हैं। - इजरायल का मीडिया लिख रहा है, "भारतीय पीएम मोदी की यात्रा इतिहास रचने वाली है।" - ट्रम्प से बड़ा जलसा होने जा रहा है। 11 मंत्रालयों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।

- वहीं, इजरायली कैबिनेट ने भारत-इजरायल के बीच कारोबार में 517 करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी की मंजूरी दी है। इससे भारत चीन को पीछे छोड़ बड़ा ट्रेड पार्टनर बनेगा। मोदी मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमलों में जीवित बचे इजरायली बच्चे से भी मिलेंगे।

क्या बोले नेतन्याहू?
- "भारतीय पीएम की यह ऐतिहासिक यात्रा है। 70 साल में अभी तक भारत का कोई पीएम इजरायल नहीं आया है। इस दौरे से दोनों देशों के मिलिट्री, इकोनॉमिक और डिप्लोमैटिक रिश्ते मजबूत होंगे। दोनों देशों के रिलेशन नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे।"
भारत का तीसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर देश है इजरायल, एशियाई देशों में भारत तीसरा ट्रेड पार्टनर

#1 डिप्लोमैसी: टूटी परंपरा, फलस्तीन नहीं जाएंगे मोदी
- इजरायल दौरे से ठीक पहले और बाद में मोदी फलस्तीन नहीं जाएंगे। यह कदम भारत की पहले की पॉलिसी से उलट है।
- इससे पहले यह परंपरा थी कि भारतीय राजनेता बैलेंस बनाए रखने के लिए एक साथ दोनों देशों का दौरा करते थे।
- यह भारत का इजरायल के साथ अपने रिश्तों को खुलेआम स्वीकार करना जैसा है। यानी दोनों ही देश एक-दूसरे के हितों को लेकर इंटरनेशनल मंच पर बात रखेंगे।
#2 कारोबार: हम इजरायल के 10वें सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर - दोनों देशों के बीच रक्षा सौदों के अलावा आईटी और एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों पर अहम समझौते हुए हैं। - दोनों देश फ्री ट्रेड पर आगे बढ़ रहे हैं। इससे मेक इन इंडिया को फायदा मिलेगा। - भारत इजरायल से इरिगेशन टेक्नोलॉजी हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इससे जल संकट से बचा जा सकता है।

- आज भारत इजरायल का 10वां सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर और एशियाई देशों का तीसरा सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है।

#3 समझौते: मिलिट्री, गंगा, एग्रीकल्चर और टेक्नोलॉजी पर फोकस - गंगा के एक हिस्से की सफाई को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और इजरायल में समझौता हो सकता है। - हाई टेक्नोलॉजी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, हेल्थ, एजुकेशन, मिलिट्री को-ऑपरेशन, स्मार्ट सिटी, रिसर्च और साइबर सिक्युरिटी से जुड़े समझौते हो सकते हैं। - वहीं इंडस्ट्री, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एक फंड बन सकता है।

- इसके अलावा, मोदी मेक इन इंडिया के तहत इजरायली कारोबारी को भारत में निवेश के लिए इनवाइट करेंगे।

#4 इजरायल की मंशा: भारत के सहारे नए दोस्त चाहता है - भारत दुनिया की चौथी बड़ी इकोनॉमी है। उसके अरब-पर्शिया (ईरान) के साथ अच्छे रिश्ते हैं। - इजरायल भारत की इस हैसियत का इस्तेमाल मिडल-ईस्ट (पश्चिम एशिया) के साथ एशिया के अन्य देशों के साथ डिप्लोमेसी में कर सकता है।

- दूसरी तरफ इजरायल भारत के मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, क्लीन गंगा, स्मार्ट सिटी और नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट इनिशिएटिव प्रोडक्टिव हो सकते हैं।

इजरायल ने भारत को अवाक्स सिस्टम दिया पर चीन को मना किया - इजरायल ने भारत को मिसाइल, एंटी मिसाइल सिस्टम, यूएवी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, जैसी अहम तकनीक दी है।

- इजरायल भारत के लिए डिफेंस के लिहाज से बेहद अहम है। इजरायल ने चीन को अवाक्स सिस्टम बेचने से इनकार कर दिया, पर उसने भारत को यह सिस्टम दिया।

मोदी ने डिफेंस डील में इजरायल को दी तरजीह - मोदी ने 965 करोड़ में इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्री की बराक-एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के सौदे को मंजूरी दी। पिछली यूपीए सरकार इस समझौते से पीछे हट गई थी। - भारत ने 8,356 स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) और 321 लॉन्चरों को 52.5 करोड़ डॉलर में खरीदने का फैसला लिया। भारत ने इजरायली उपकरणों को अमेरिकी जेवेलिन मिसाइल पर तरजीह दी।

- भारत इजरायल से 2680 करोड़ रुपए की 10 हेरॉन टीपी यूएवी भी खरीद रहा है। पाकिस्तान सीमा पर बाड़ लगाने से जुड़ी टेक्नीक का भी भारत इजरायल से इम्पोर्ट कर रहा है।

ऐसे बने इजरायल से रिश्ते
- 1950:भारत ने इजरायल को 1950 में मान्यता दी। पर कूटनीतिक संबंध 1992 में बने, क्योंकि भारत इजरायल के धुर विरोधी फलस्तीन का समर्थन करता था।
- 1962: चीन से हुई में इजरायल ने भारत को मोर्टार, मोर्टार रोधी इक्विपमेंट्स दिए थे। 1965, 71 और करगिल वॉर में इजरायल ने भारत को सैन्य साजो-सामान मुहैया कराए।
- 1977: मोरारजी देसाई सरकार ने इजरायल से बेहतर कम्युनिकेशन शुरू किया। उस समय इजरायल के रक्षा मंत्री कई सीक्रेट ट्रिप पर भारत आए।
- 1985: यूएन असेंबली से अलग तब पीएम रहे राजीव गांधी इजरायली समकक्ष शिमोन पेरेज से मिले। यह दोनों देशों के प्रमुखों की पहली सार्वजनिक मुलाकात थी।
- 1992: प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने दोनों देशों के बीच चली आ रही झिझक को खत्म करते हुए इजरायल के साथ पूर्ण राजनीति रिश्ते शुरू किए।
- 2003:पहली बार भारतीय विदेश मंत्री जसवंत सिंह इजरायल गए।
- 2015: प्रणब मुखर्जी इजरायल जाने वाले देश के पहले राष्ट्रपति बने।
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