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यदि भावनाएं आहत होती हैं, तो लोग विरोध करेंगे ही: पद्मावती विवाद पर राजनाथ

Inbooker 7 Nov 6
नई दिल्ली. संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर गृहमंत्री राजनाथ ने कहा कि अगर भावनाएं आहत होंगी तो लोग विरोध करेंगे ही। इस मुद्दे पर बीजेपी कोई पॉलिटिक्स नहीं कर रही है। कुछ लोग अपने तर्क के जरिए विरोध कर रहे हैं। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने खुला खत लिखा था। उमा भारती ने लिखा था, "आज भी मनचाहा रिस्पॉन्स नहीं मिलने पर कुछ लड़के, लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डाल देते हैं। वो किसी भी धर्म या जाति के हों, मुझे अलाउद्दीन खिलजी के वंशज लगते हैं।"
- राजनाथ सिंह ने सोमवार को एक इंटरव्यू में कहा- "समाज के कुछ लोग हैं, जिनका मानना है कि फिलहाल मूवी रिलीज नहीं होनी चाहिए। इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। सेंसर बोर्ड ने इसे मंजूरी दी है, लेकिन साथ ही साथ हमें लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। अगर कुछ लोगों की भावनाएं आहत होंगी तो वह आवाज उठाएंगे ही। बीजेपी ही नहीं बल्कि दूसरे पार्टियों के नेता भी कहते हैं कि यह पिक्चर रिलीज नहीं होनी चाहिए।"

कैसे से शुरू हुआ पद्मावती फिल्म पर विवाद?

- राजपूत करणी सेना इसका विरोध कर रही है। इसकी शुरुआत राजस्थान में शूटिंग के वक्त हुई थी।
- राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, जिसके चलते पिछले काफी समय से विरोध हो रहा है। राजपूत करणी सेना ने कई जगह प्रदर्शन और पुतले भी जलाए।
- बीजेपी ने कहा कि फिल्म क्षत्रिय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए। ऐसा करने से रिलीज के वक्त फिल्म के लिए सहूलियत रहेगी और तनाव के हालात से बचा जा सकेगा।
फिल्म डायरेक्टर का स्टैंड क्या है? - पद्मावती का विरोध होने के बाद डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने कहा था कि इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है, जिसे लेकर विरोध किया जा रहा है।

- हाल ही में एक कलाकार ने पद्मावती की रंगोली बनाई,लेकिन कुछ लोगों ने ये रंगोली बिगाड़ दी। जिसके बाद फिल्म में पद्मावती का किरदार निभा रही दीपिका पादुकोण ने इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर स्मृति ईरानी को टैग करते हुए ट्वीट किया था कि इस तरह की घटनाओं पर एक्शन लिया जाना चाहिए।

पद्मावती विवाद पर उमा भारती ने खुले खत में क्या लिखा? - उमा भारती ने खुले खत में लिखा, "तथ्य को बदला नहीं जा सकता है। उसे अच्छा या बुरा कहा जा सकता है। सोचने की आजादी किसी की निंदा या स्तुति का अधिकार हमें देती है। जब आप किसी ऐतिहासिक तथ्य पर फिल्म बनाते हैं तो उसके फैक्ट को वॉयलेट नहीं किया जा सकता है।' - "रानी पद्मावती की गाथा एक ऐतिहासिक तथ्य है। अलाउद्दीन खिलजी एक व्यभिचारी हमलावर था। उसकी बुरी नजर रानी पद्मावती पर थी और इसीलिए उसने चित्तौड़ को नष्ट कर दिया था।" - "पद्मावती के पति राणा रतन सिंह अपने साथियों के साथ वीरगति को प्राप्त हुए थे। खुद पद्मावती ने उन हजारों औरतों के साथ जीवित ही खुद को आग के हवाले कर जौहर कर लिया था, जिनके पति वीरगति को प्राप्त हुए थे। हमने यही इतिहास पढ़ा है। आज भी खिलजी के लिए नफरत और पद्मावती के लिए सम्मान और उनके इस

- "आज भी मनचाहा रेस्पॉन्स नहीं मिलने पर कुछ लड़के, लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डाल देते हैं। वो किसी भी धर्म या जाति के हों, मुझे अलाउद्दीन खिलजी के वंशज लगते हैं।'