Suvendu Adhikari , the New C.M. of West Bangal joins hands with Yogjii, Hemanta Sarma ji and the like to set the tone of emeging Bharat , with blessings from Modiji and Amit Shah ji !
वाह शुभेंदु अधिकारी वाह ! दिल जीत लिया । कांग्रेस के हटते ही धीरे धीरे नर्क में बदले जा रहे बंगाल में 50 बरस बाद लागू कर दिया योगी मॉडल ! सोमवार से सभी स्कूलों में वन्देमातरम अनिवार्य । धर्मस्थलों से हटेंगे लाउडस्पीकर । गौ हत्या और गौ कटान पर पूरी तरह प्रतिबंध । गरीबों और मजदूरों के लिए 5 ₹ में माछ भात । सीमावर्ती तमाम जिलों में बॉर्डर पर फैंसिंग के लिए 6 महीनों के भीतर लैंड ट्रान्सफर । मदरसों की गतिविधियों की पड़ताल , राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर सख्त एक्शन । गुंडा माफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन लंगड़ा । घुसपैठियों को चुनचुनकर निकालने की तैयारी ।
वाह शुभेंदु वाह ! 80 साल बाद बंगाल में खुशियों की बहार । छह दिनों में ही शुभेंदु के ताबड़तोड़ फैसलों से ममता बनर्जी इतनी बौखलाई कि वकीलों की ड्रेस और काला कोट पहनकर हाईकोर्ट पहुंच गई । छह ही दिनों में सरकार पर आरोपों की बौछार कर दी । अरी दीदी सब्र करो थोड़ा धीरज धरो । अभी शुभेंदु के पास 5 साल ही नहीं हैं , लंबा भविष्य भी है । बंगाल की जनता ममता से इसकदर ऊब चुकी है कि उनकी सूरत नहीं देखनी चाहते । तभी तो ममता जैसे ही कोर्ट से बाहर निकलीं , लोगों ने चोर चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए । याद कीजिए ऐसे ही नारे अभी हाल ही में महुआ मोइत्रा के विरुद्ध भी लगे जब वे प्लेन में कोलकाता से दिल्ली पहुंची । बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बंगाल बार से ममता के लाइसेंस की बाबत रिकॉर्ड तलब किया है ।
तृणमूल को अभी यह झेलना होगा , ममता समझ लें । थोड़ा रुकिए ममता दीदी , आपके भतीजे अभिषेक को अभी काफी भुगतना है । अपने भ्रष्टाचार , कटमनी , तोलाबाजी और धमकियों के लिए अभिषेक को अभी जेलें भी काटनी हैं । यही नहीं घुसपैठियों की बदौलत बंगाल की डेमोग्राफी बदलने वाली ममता को राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री और केंद्रीय जांच एजेंसियों को बंधक बनाने लेने के लिए काफी कुछ झेलना है । अभिषेक को मुख्यमंत्री पद देकर दिल्ली की राजनीति करते हुए प्रधानमंत्री बनने का स्वप्न तो चकनाचूर हुआ । हां सब ठीक चला तो वे राज्यसभा के रास्ते दिल्ली पहुंचकर दिल्ली में इंडी का नेतृत्व संभाल सकती हैं । बशर्ते कि ममता से मुंह फेर चुके राहुल गांधी अपना सपना वापस ले लें ।
तो ममता बनर्जी , आपका खेल खत्म हो चुका है । वामपंथियों ने 35 साल और अपने 15 साल बड़े जुल्म ढहाए । इस बॉर्डर स्टेट को भारत से अलग करने का षड्यंत्र किया , राज्यपाल को कुछ नहीं समझा । आपकी तमन्ना थी कि केन्द्र सरकार बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा दे ताकि आप सहानुभूति का वोट हासिल कर लें । लेकिन दीदी आप शाह मोदी को अब तक गलत पहचानती रही । आजाएगा , जल्द समझ आजाएगा कि देश के सिस्टम के ख़िलाफ़ जाना भी देशद्रोह के समान है । बंगाल के साथ साथ पूरे देश की जनता समझ गई है कि आपके समर्थन में बांग्लादेश और पाकिस्तान में प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं ? समझ जाओ दीदी वक्त बदल गया है ।
,,,, कौशल सिखौला