1- मैं नहीं भूला उस कामपिपासु अलाउद्दिन खिलजी को, जिससे अपने सतीत्व को बचाने के लिये रानी पद्ममिनी 14000 महिलाओं के साथ जलते हुए अग्निकुंड में कूद गयी थीं।
2- मैं नहीं भूला उस जालिम औरंगजेब को, जिसने संभाजी महाराज को इस्लाम स्वीकारने से मना करने पर तडपा तडपा कर मारा था।
3- मैं नहीं भूला उस जिहादी टीपु सुल्तान को, जिसने एक एक दिन में लाखों हिंदुओ का नरसंहार किया था।
4- मैं नहीं भूला उस जल्लाद शाहजहाँ को, जिसने 14 बर्ष की एक ब्राह्मण बालिका के साथ अपने महल में जबरन बलात्कार किया
5- मैं नहीं भूला उस बर्बर बाबर को, जिसने मेरे श्री राम प्रभु का मंदिर तोड़ा और लाखों निर्दोष हिंदुओ का कत्ल किया था।
6- मैं नहीं भूला उस शैतान सिकन्दर अलोदी को, जिसने नगरकोट के ज्वालामुखी मंदिर की माँ दुर्गा की मूर्ति के टुकड़े कर उन्हें कसाइयों को मांस तोलने के लिये दे दिया था।
7- मैं नहीं भूला उस धूर्त ख्वाजा मोइन्निद्दिन चिस्ती को, जिसने संयोगीता को इस्लाम कबूल ना करने पर नग्न कर मुगल सैनिको के सामने फेंक दिया था।
8- मैं नहीं भूला उस निर्दयी बजीर खान को, जिसने गुरूगोविंद सिंह के दोनों मासूम बच्चों फतेहसिंह और जोरावार को मात्र 7 साल और 5 बर्ष की उम्र में इस्लाम ना मानने पर दीवार में जिन्दा चुनवा दिया था।
9- मैं नहीं भूला उस जिहादी बजीर खान को, जिसने बन्दा बैरागी की चमडी को गर्म लोहे की सलाखों से तब तक जलाया जब तक उसकी हड्डियां ना दिखने लगी मगर उस बन्दा वैरागी ने इस्लाम स्वीकार नहीं किया
10- मैं नहीं भूला उस कसाई औरंगजेब को, जिसने पहले संभाजी महाराज की आँखों मे गरम लोहे के सलिए घुसाए, बाद में उन्हीं गरम सलियों से पुरे शरीर की चमडी उधेडी, फिर भी संभाजी ने हिंदू धर्म नही छोड़ा था।
11- मैं नहीं भूला उस नापाक अकबर को, जिसने हेमू के 72 वर्षीय स्वाभिमानी बुजुर्ग पिता के इस्लाम कबूल ना करने पर उसके सिर को धड़ से अलग करवा दिया था।
12- मैं नहीं भूला उस वहशी दरिंदे औरंगजेब को, जिने धर्मवीर भाई मतिदास के इस्लाम कबूल न करने पर बीच चौराहे पर आरे से चिरवा दिया था।
मै नहीं भूल सकता अपनी मातृभूमि पर हुए विदेसी आक्रमणकारियो के अत्याचारो हत्याओ बलात्कारों और उनसभी अमानवीय कृत्यों को जिन्होंने मेरी मातृभूमि को अपवित्र किया और मेरे पूर्वजो को अनेकानेक कष्टो को झेलने को मज़बूर किया ।।
मैं प्रतिज्ञ हु अपने भगवन और अपने पूर्वजो के प्रति की अपने हिन्दू समाज को एकसूत्र में पिरो कर इतनी मज़बूत माला बनाऊगा की वो मज़बूत संगठित शक्तिशाली हिन्दू समाज,हिन्दुधर्म हिन्दुसंस्कृति और भारतमाता के गौरव को पुनः प्राप्त कर भारत माँ के हिन्दुधर्म संस्कृति और हिन्दूसमाज के दुश्मनो का समूल नाश कर दे।।