OmParkash Garg's Album: Wall Photos

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पिछले 4–5 सालों में हिन्दू मुसलमान के बीच नफरत क्यूँ बढ़ गई ..*\u2049\ufe0f\u2049\ufe0f\u2049\ufe0f

ये सवाल मेरे मन में भी आया के अचानक से ऐसा क्या हुआ जो इतनी नफरत बढ़ गई *..*..

*वर्ना पाँच छ: साल पहले देश में प्रेम भाव उच्च स्तर पर था ..*..

1- कितना प्रेम भाव था ....जब कश्मीर से पंडितों को निकाल कर उसे एक मुस्लिम राज्य बना दिया गया।

2- कितना प्रेम भाव था .....
जब राजस्थान में श्रीनाथ जी के मंदिरों पे बेवजह हमले हुए और उसे बचाने के लिए जैन लोग हर तरफ भागे।

3- कितना प्रेम भाव था .....
जब सलीम सिंह के कहने पर पूरी मुस्लिम फौज ने हिन्दू पालीवाल की बेटी से जबरदस्ती शादी करने के लिए पूरे गाँव को मार दिया गया जैसलमेर में।

(आज भी वो गाँव बंजर पड़ा है कुल धारा नाम से)

4- कितना प्रेम था .....
जब फतेहपुर सिकरी में 3 हिन्दू बच्चों को लटकाया क्यूँकि वो मस्जिद में बिना सर ढँके चले गए थे और उन्हें मंदिर मस्जिद चीज़ का नाम भी बोलना नहीं आता था।

5- कितना प्रेम था .....
जब एकलिंग जी की इकलौती मूर्ति जो राजा नरेश स्थापित करने जा रहे थे तो उन्हें बीच में ही रोक कर मूर्ति को नष्ट कर दिया गया था।

(आज भी स्थापित मूर्ति नष्ट अवस्था में एकलिंग जी मंदिर में है)

6- कितना प्रेम था .....जब पूर्व प्रधानमंत्री के एक इशारे पर सारे सिक्खों के सर कलम कर दिए गए थे 1984 में।

7- कितना प्रेम था ..... जब गोधरा कांड में मरे हिंदुओं की मौत पे कोई फर्क़ नहीं पड़ा पर जब हिंदुओं ने बदला लिया तो उसकी नफरत आज तक दिलों में फैली है, *मतलब तुम सिर्फ मरो, मारो मत।

8- कितना प्रेम था *.....
*जब 2008 हमले के बाद कसाब के फोटो पे माला चढ़ा कर उसकी लंबी उम्र के नारे लगाए थे; और एक मुस्लिम lawyer ने उसका case हाथ में लिया *.*. और 5 साल तक रगड़ा ये कह के कि इसमें उसका कोई हाथ नहीं।

9- कितना प्रेम था *.....
जब akbaruddin owaisi बोला के 15 minute के लिए पुलिस हटा दो, हम सब मुसलमान 100 crore हिंदुओं को देख लेंगे।

10- कितना प्रेम था *.....
जब अमरनाथ में यात्री मरे तो महबूबा मुफ्ती और वहाँ के शांतिप्रिय लोग बोले, वो तो मरेंगे ही यहाँ आयेंगे तो *.*. *क्यूँकि यहाँ इतनी भारी संख्या में आके कश्मीर का ट्राफिक बढ़ाते हैं।

कितना प्रेम था जब सब आक्रांताओ आक्रमणकारीयों ने करोड़ो को कत्ल कर दिया ।

कितना प्रेम था जब कांग्रेस सरकार एक कानून लाने वाली थी जिसमे कुछ ऐसे प्रावधान थे कि हिन्दू मुस्लिम में के झगड़े में कोई भी दोषी हो सजा हिन्दू को ही मिलेगी क्योंकि ये बहुसंख्यक हैं।

और आज भी कितना प्रेम है .....
*जब हिन्दू लड़कियाँ धर्म ना देखते हुए किसी भी मुसलमान से शादी कर लेती हैं *.*. *पर उनके यहाँ इसकी इजाजत नहीं है; अपने ही धर्म का आदमी जूते पे रखे वो ठीक है *.*. *पर हिन्दू से कोई रिश्ता नहीं ..*..

और आज भी कितना प्रेम है .....
जब निहत्थे अमरनाथ यात्री पे पत्थर फेंक फेंक कर हमला किया जाता है *पर हिन्दू आज तक मक्का मदीना जा कर ऐसा कुछ नहीं किया ..*..

और आज भी कितना प्रेम है .....
*जब हिन्दू एक कदम आगे बढ़ कर सलाम बोल देता है *.*. *पर एक मुस्लिम कभी जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, राधे राधे नहीं बोलता *..*..

हिन्दू सबके धर्म का आदर करता रहता है मस्जिद दरगाह में चादर , पैसे चढ़ा आता है और एक मुस्लिम कभी मन्दिर में पूजा करने नही जाता यदि जाता भी है तो गकत विचार से ।

*इंसान की चुप्पी उसकी कमजोरी नहीं "उसकी सभ्यता" है ..*..

1000 साल तक लाखों अरबी, तुर्क, अंग्रेज राज करके सिर्फ एक धर्म के लोगों के पीछे पड़े हैं .....

*पर फिर भी खत्म नही कर पाएं ..*..

हिन्दुस्तान में हो तो हिन्दुस्तानी बन कर रहो और शुरुआत पहले खुद से करो *..*..

*नफरत तब ही खत्म होगी जब धर्म से पहले देश होगा ।।