जब बहू बनती है तब सास नहीं अच्छी मिलती, जब सास बनती है तब बहू नहीं अच्छी मिलती,
जब देवरानी बनती है तब जेठानी नहीं अच्छी मिलती और जब जेठानी बनती है तब देवरानी नहीं अच्छी मिलती है,
जब भाभी बनती है तब ननद नहीं अच्छी मिलती और जब ननद बनती है तो भाभी नहीं अच्छी मिलती,
अंत में यदि सब कुछ अच्छी मिल जाए तो कामवाली बाई नहीं अच्छी मिलती..