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satish bhola vats
मृत्यु से क्यों डरते हो? जैसे एक जीवित शरीर लड़कपन, युवावस्था और वृद्धावस्था के चरणों से गुजरता है, मृत्यु भी वास्तविकता है, शरीर के एक चरण से अधिक कुछ नहीं है। यह इस शरीर और आत्मा का विभाजन है, जिसे मृत्यु के नाम से जाना जाता है। वास्तव में, मृत्यु कोई बग भालू नहीं है, यह केवल शरीर का परिवर्तन है जैसे कोई व्यक्ति एक नया वस्त्र पहनता है, पुराने को बदल देता है। वास्तव में आत्मा पदार्थ में अपरिवर्ति
राजेश शर्मा
माँ भारती के अमर सपूत, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जलियांवाला बाग नरसंहार का प्रतिशोध लेकर विश्व में भारतीय शौर्य और साहस को प्रतिष्ठित करने वाले सरदार उधम सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
आपका अतुल्य बलिदान राष्ट्र सेवा हेतु सभी को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
Ranjeet Rai
*एक ऐसी बात जिस पर गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है*
*बड़ा घटाटोप है चढ़ावा चोरी का...सारा मीडिया, सारी राजनीति, सारी जनता उद्वेलित है, चोरी हो गई, मंदिर लुट गया, राम फिजूल हैं, चोरी नहीं रोका तो, रक्षा क्या करेंगे ? बीजेपी डकैत है, मंदिर से कमा रही है, रामभक्त चोर हैं।*
अचानक ऐसे रामभक्त पैदा हो गये, जो राम को काल्पनिक और सांप्रदायिक कहते थे, कि राममंदिर बनने से, संविधान नष्ट हो जाएगा, भारत की एकता खंडित हो जाएगी। भक्तों की आस्था चोटिल हो गई है, हिन्दू ठगा गया है...ब्ला ब्ला।
पूरे भारत में कोई भी इस *नैरेटिव के पीछे छिपे सच* की बात नहीं कर रहा है...चलिए मैं बताता हूं।
आजादी से अब तक, भारत की *अंतरराष्ट्रीय शान और पहचान था ताजमहल।*
*देश के हजारों पौराणिक और अनूठे कलापूर्ण स्थापत्य चर्चित नहीं थे। जो भी विदेशी पर्यटक या राजनेता आता था सीधे ताजमहल दौड़ता था और पीएम हर वीआईपी मेहमान को ताजमहल की प्रतिकृति भेंट करता था।* मेहमान अपने देश में उसका प्रदर्शन कर प्रचार करता था कि, *भारत में क्या शानदार है ? केवल ताजमहल...!!*
तिरुपति बालाजी, काशी, खजुराहो, बद्री, केदार, महाकाल, मीनाक्षी आदि आदि पुरातन एक से बढ़कर एक अजूबे कुछ नहीं...?? बस भारत में कुछ था तो ताजमहल...!!
पूरे विश्व के मुस्लिम और भारत, पाकिस्तान, बंगलादेश के मुस्लिम गर्व से छाती फुलाते थे कि, भारत में सिर्फ इस्लाम शानदार है, सनातन जीरो है, उसकी तो कोई पहचान तक नहीं है। इस तरह भारत आज भी इस्लामिक विरासत बना हुआ था।
अचानक बीजेपी सरकार बनी, मोदी जी ने सबसे ऊंची मूर्ति बनाई *आधे ताजमहली पर्यटक, आगरा न जाकर, गुजरात जाने लगे।* मेहमानों को मोदीजी ने ताजमहल की प्रतिकृति देना बंद कर दिया, गीता देने लगे भारत की अन्य क्षेत्रीय विशिष्ट वस्तुएं देने लगे। तो इस्लाम लाबी का माथा ठनका कि ये तो इस्लाम पर हमला है, ताजमहल की आमदनी कम होने लगी, मुस्लिम छाती का फुलाव पिचकने लगा और अंतर्राष्ट्रीय मुस्लिम जगत बेचैन होने लगा।
बड़ा वज्रपात ये हो गया कि, असंभव दिखने वाला राममंदिर केस का फैसला लाख अवरोधों के बावजूद हो गया और ताबड़तोड़ राममंदिर बन भी गया।
मंदिर बनना बड़ी चीज न थी, लाखों मंदिर हैं भारत में, इससे इस्लाम की शान में कभी कमी नहीं आई और इन मंदिरों की कमाई, इस्लाम को भी पहुंच रही है। लेकिन अयोध्या का राममंदिर अजूबा निकला।
अरे बाप रे बाप...अरबों-खरबों का चंदा/दान छोड़ो, यहां के पर्यटक तो तीस करोड़ का आंकड़ा छूने लगे। इतने तो ताजमहल में जीवन भर में नहीं गये। रेवेन्यू देखो तो आंखें फटने लगी। अब हर पर्यटक भारत यानी अयोध्या जाने लगा, ताजमहल कूड़ा दान हो गया। भारत की शान और पहचान अब राममंदिर हो गया।
ये छोटी घटना नहीं है कि, *भारत की पहचान इस्लाम से बदलकर सनातन हो गई।* इस बात ने मुस्लिम जगत में इतनी खलबली पैदा कर दी, कि इसे हल्के में लेकर स्वीकार नहीं कर सकते कुछ तो करना पड़ेगा।
लो जी भारी रकमें बंटने लगी, भारतीय लालची और भिखारी राजनेताओं को, कि, कैसे भी हो राममंदिर को ऐसा बदनाम करो कि, लोगों को रामलला सिर्फ पत्थर लगने लगें, आस्था खत्म हो जाय, पर्यटन बंद हो जाय, रेवेन्यू गायब हो जाय और अयोध्या अपराध का केंद्र निरूपित हो जाय, ताकि नैरेटिव चले कि, भारत में यदि कुछ पवित्र है, कुछ निर्विवाद है, कुछ ऐतिहासिक है, कुछ महान है, तो केवल और केवल ताजमहल है।
ये मामला चढ़ावा चोरी का है ही नहीं। सीधा इस्लाम और सनातन का युद्ध है कि, *भारत में क्या पुजेगा/चलेगा इस्लाम या सनातन ?*
जरा सोचिए...चोरी तो इससे भी बड़ी चोरी हर साल हर मंदिर में हो रही है, सारे मंदिर वैष्णो देवी हों या तिरुमला सब सरकारी नियंत्रण में हैं और दक्षिण के हजारों मंदिरों की अरबों का चढ़ोत्तरी ईसाई मुस्लिम सरकारों द्वारा हड़पी जा रही है और उसका लाभ इस्लाम और ईसाई संस्थान उठा रहे हैं। पर इसे चोरी नहीं कहा जा रहा...??
आश्चर्यजनक है कि, घर की कामवाली बाई, यदि घर से कुछ चुरा ले, तो क्या मकान-मालिक को चोर कहां जाता है ? या बाईं पर आरोप लगता है। यहां कुछ कर्मचारियों ने गड़बड़ की, पकड़े गये, वसूली हुई, जेल भैजे गये, पर मकानमालिक यानी ट्रस्ट को चोर कहां जा रहा है।
ऐसा कहीं आपने सुना है कि, घर में चोरी हुई तो चोर, मकान-मालिक कहलाए।
ये नैरेटिव है....हर हाल में, अयोध्या के वैभव और गौरव को विषाक्त घोषित करना है, राम कोई देवता नहीं, पत्थर हैं, चोरी नहीं रोक पाते, वहां दर्शन करने जाना फिजूल है।
अयोध्या आपराधिक स्थान है, वहां से बचना ही अच्छा है। सारे रामभक्त, चोर, अपराधी, पापी, पाखंडी हैं और सनातन सचमुच डेंगू-मलेरिया है, ये हवा फैलाना है और ताजमहल यानी इस्लाम को ही भारत की शान और पहचान बनाना है!
सनातन को अवांछनीय और बकवास बताना है, इसके लिए जितना पैसा लगे, मुस्लिम लाबी खर्च कर रही है और उसी पैसे की चाभी से, ये अखिलेश, केजरीवाल, राहुल, खेड़ा, गुड्डे की तरह नाच रहे हैं और हल्ला चोरी का है ताकि असली लड़ाई पर किसी का ध्यान न जाए।
सरकार और हिन्दू समाज को सावधान हो जाना चाहिए, *ये सीधा युद्ध है, इस्लाम का, सनातन से कोई चोरी का मामला नहीं है।*
*भारत रामजी से पहचाना जाय या शाहजहां से...ये मुद्दा है इस घटाटोप का।*
सावधान हिन्दू बड़े हमले के लिए तैयार रहो। मैं फिर कहता हूं ये चढ़ावा चोरी का मामला है ही नहीं राममंदिर और ताजमहल इस्लाम और सनातन का मामला है।
ये भारत तक सीमित नहीं है सारे विश्व की इस्लामिक ताकत इसमें झोंकी जा रही है कि, भारत की शान इस्लाम रहे, पहचान इस्लाम रहे, सनातन कभी भी भारत की शान या पहचान न बने।
अगर राममंदिर ने इतना बड़ा बदलाव कर दिया, तो मथुरा काशी जुड़ने पर तो, इस्लाम का नामलेवा नहीं बचेगा।
मेहमानों को राममंदिर और कृष्ण मंदिर की प्रतिकृति भेंट की जाएंगी और सारा विश्व भारत को सनातनी मानने लगेगा। ये इस्लाम कैसे बर्दाश्त कर सकता है...???
*इसीलिए चढ़ावा चोरी मूल प्रश्न है ही नहीं हमें असली शत्रु का पहचाना है..!!*
Chandan Ghosh
(owner)
ইহুদি দের একমাত্র দেশ ইসরাইল, যার জনসংখ্যা 1.5 - 2 কোটী, এই 2 কোটি মানুষ আজ সারা বিশ্বের মুসলিমদের 57-58 টা মুসলিম দেশ কে 130-140 কোটি মুসলিমদের পিঁপড়ে বা মশা ভাবে , এদের সাথে এই 2 কোটি ইহুদি যখন তখন যুদ্ধ করতে রাজি আছে, এই ইসরাইল আজ এতটাই শক্তিশালী, কিন্তু এক সময় এই ইহুদের উপর অমানবিক নির্যাতন চালিয়েছিল যেমন টা হিন্দুদের সাথে হয়েছে হচ্ছে, ঐ ইহুদি দের আরব থেকে ইউরোপ কুকুর ছাগলের মতো তাড়াকরে ছিল, যেমন এখন হিন্দুরা ইরান আফগানিস্তান পাকিস্থান বাংলাদেশ থেকে ভারতে পালিয়ে এসেছে, কিন্তু ইহুদি দের একটু ও জমি ছিল না সব কেড়ে নিয়ে খালি অত্যাচার চালিয়ে ছিল আরব থেকে ইউরোপ তাড়া করিয়েছিল, আমরা যেমন পূজা করি তেমনি ইহুদিরা বছরে এক বার একটা পূজা করতো, আমরা যেমন বলি শুভ বিজয়া, ওরা তেমনি বলতো Next Year to Jerusalem, পরের বছরে জেরুজালেম যাচ্ছি, আর এই ভাবে বহু বহু যুগ চলতে থাকে, তারপর একদিন ইহুদিরা জেরুজালেম যায় নিজেদের অধিকার আদায় করে ইউরোপিয়ান আরবিদের থেকে, আজ ইসারাইলে একটা ও মসজিদ মাদ্রাসা চার্চ নেই, আজ ঐ ইহুদিরা এতোটাই শক্তিশালী হয়েছে, তাহলে আমার হিন্দুরা কি পাড়িনা আমাদের উপর হওয়া অমানবিক ইসলামিক অত্যচারের কথা আমাদের বংশ পরম্পরায় আমাদের ছেলেমেয়ে তারা তাদের বাচ্ছাদের কে শেখাবে , হিন্দু মা বোনের দের গন ধর্ষণ, হিন্দু হত্যা বাড়ী ঘর ভাংচুর লুঠপাট হাজার হাজার লক্ষ লক্ষ মন্দির ভাঙ্গার ঘটনা বাংলাদেশ পাকিস্থানে ইরান আফগানিস্তান থেকে হিন্দু শূন্য করার কথা, আমরা কি পাড়িনা বছরে এক বার উৎসব পালনের মাধ্যমে , পরের বছর সব মসজিদ মাদ্রাসা মন্দির করবোই ঢাকা লাহোরে ভারতের পতাকা উড়াবোই, মুসলিমরা ভারত কে খন্ড করে পাকিস্থান বাংলাদেশ ইরান আফগানিস্তান করেছিল, আমরা হিন্দুরা আমাদের বাচ্ছাদের এটা শেখাতে হবে ও তাড়া তাদের বাচ্ছা দের এমন ভাবে বংশপরম্পরা শেখাতে হবে আমাদের অখন্ড ভারত আমরা গরবোই, পরের বছরেই সব মসজিদ মাদ্রাসা চার্চ মন্দির করবোই, ইরান আফগানিস্তান পাকিস্থান বাংলাদেশ এ ভারতের পতাকা তুলবোই। আর এটা এ বছর থেকেই চালু করা হোক প্রতি বছর শুভ বিজয়া দশমীর সাথে সাথে আমরা পরের বছরেই সব মসজিদ মাদ্রাসা চার্চ ভাঙ্গবোই, ইরান আফগানিস্তান পাকিস্থান বাংলাদেশ ভারত কে খন্ড করেছিলো আমরা আবার জুড়ে অখন্ড ভারত গড়বোই।
Ratan Chandra Saha
China Apps are banned. Some people are sorry and saying it was unnecessary. How can we explain them?