भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है, यह जीता जागता राष्ट्रपुरुष है। ये वंदन की धरती है, ये अभिनन्दन की धरती है। ये अर्पण की भूमि है, ये तर्पण की भूमि है। इसकी नदी-नदी हमारे लिए गंगा है, इसका कंकर-कंकर हमारे लिए शंकर है।
अनिल जैन
सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील ने किया सावधान 25 वर्ष बाद देश को भयानक परिणाम भुगतने पड़ेंगे यदि "लवजिहाद,लैंड जिहाद, ड्रग जिहाद, घुसपैठ जिहाद, धर्मांतरण जिहाद और जनसंख्या जिहाद के खिलाफ कठोर कानून नहीं बनाया तो 25 वर्ष बाद भयानक परिणाम होगा।"