Piyas Sarkar
उठो, जागो, और जब तक लक्ष्य पर नहीं पहुँच जाते, तब तक मत रुको। उठो, फिर एक बार उठो, क्योंकि त्याग के बिना कुछ भी नहीं हो सकता।
— स्वामी विवेकानन्द
{वि. सा. : ५ : कोलंबो से अल्मोड़ा तक : वेदान्त (लाहौर में)}
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Raja kumar
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ashu singh
स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार-10
यह जीवन अल्पकालीन है, संसार की विलासिता क्षणिक है, लेकिन जो दुसरों के लिए जीते हैं, वे वास्तव में जीते हैं।
16. एक शब्द में यह आदर्श है कि 'तुम परमात्मा हो।'
17. भगवान की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए, इस या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर।
18. यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढ़ाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दु:ख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता।