Anupama Jain
उसने मेरी हथेली पे अपनी नाज़ुक सी
ऊँगली से लिखा मुझे प्यार है तुमसे...
न जाने कैसी स्याही थी की वो..
लफ्ज़ मिटे भी नहीं और आज तक दिखे भी नहीं...
सुरजा एस
दो लोग जबरदस्ती
व्हीलचेयर पर लदे हैं
दीदी हार के डर से और मुख्तार मार के डर से
आपका इनबुक
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