Anupama Jain
प्रेम की सबसे खूबसूरत बात यही है
कि इसे जान-बूझकर
शुरू नहीं किया जा सकता
और न ही चाहकर खत्म किया जा सकता
यह किसी फैसले की तरह नहीं आता
बस धीरे-धीरे आपकी सांसों में
उतर जाता है और पता ही नहीं चलता
कि कब कोई आपकी ज़रूरत बन गया और जब प्रेम हो जाए
तो उसे खत्म करने के लिए
दूरी, नाराज़गी, ख़ामोशी
सब आज़माकर देख लीजिए
दिल अक्सर वहीं लौटता है,
जहाँ उसने पहली बार सुकून महसूस किया था
शायद इसलिए प्रेम किया नहीं जाता...
प्रेम बस हो जाता है....!
राजू मिश्रा
पांच कक्रोच को ससम्मान सेवा की अत्यंत आवश्यकता है वो भी आम जनता के द्वारा ताकि भारत का सम्मान हमेशा याद रहें।
जय माँ भारती
सुरजा एस
दो लोग जबरदस्ती
व्हीलचेयर पर लदे हैं
दीदी हार के डर से और मुख्तार मार के डर से
jareen jj
अब भी कहोगे साथियों कि
इनबुक को फेसबुक जैसा होना चाहिए
शशि यादव
क्या आप लोग वक्फ बोर्ड को हटाने का समर्थन करते हैं