संजीव जैन
"अच्छी थी, पगडंडी अपनी, सड़कों पर तो, जाम बहुत है!!
फुर्र हो गई फुर्सत, अब तो, सबके पास, काम बहुत है!!
नही बचे, कोई सम्बन्धी, अकड़,ऐंठ,अहसान बहुत है!!
सुविधाओं का ढेर लगा है यार, पर इंसान परेशान बहुत है!!\ud83d\udc9e
" गाँव "
Anupama Jain
सबसे ज़्यादा सब्र भरा होता है स्त्री के अंदर,
वो तब तक किसी रिश्ते से बाहर नहीं
निकलती जब तक वो अपने जी जान से
कोशिश न कर ले उसे निभाने की,
वो हार तब मान जाती है जब पुरुष उसकी
अनदेखी करने लगता है,
जरा सा प्यार के लिए उसे तरसा देता है,
वक़्त के नाम पर बस बहाने देने लगता है,
वो रो कर, हँस कर, रूठ कर अपनी इच्छा
को मारकर, सब कर के देख लेती है,
और अंत में त्याग देती है उस बेकद्र पुरुष को
और कभी मुड़कर नहीं देखती।
राजू मिश्रा
भिंड जिले अंतर्गत जवाहरपुरा गांव के नजदीक नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत ही दुखद है। मेरी संवेदनाएं सभी शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनके समुचित उपचार की व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन को निर्देशित किया जा चुका है।
सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि, गंभीर घायलों को ₹1-1 लाख एवं सामान्य घायलों को ₹50-50 हजार की राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए हैं।
बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति दें तथा घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें।
।।ॐ शांति।।
सुरजा एस
दो लोग जबरदस्ती
व्हीलचेयर पर लदे हैं
दीदी हार के डर से और मुख्तार मार के डर से
jareen jj
अब भी कहोगे साथियों कि
इनबुक को फेसबुक जैसा होना चाहिए
शशि यादव
क्या आप लोग वक्फ बोर्ड को हटाने का समर्थन करते हैं