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गलवान घाटी में चीनी पीएलए आर्मी की सैन्य पोजीशन बाढ़ का शिकार हुई,

चीनी सेना को अब भारतीय सैनिकों के अलावा गलवान नदी के बर्फीले पानी की बाढ़ से भी जूझना पड़ रहा है

चीन की पीएलए आर्मी ने गालवान में गतिरोध स्थल से 5 किमी की दूरी पर बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को जमा किया है, किन्तु अब गलवान नदी के जल स्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण चीन के सैनिकों की जान मुसीबत में फंस गई है, गलवान नदी के ठंडे बर्फीले पानी के बढ़ते हुए जलस्तर के कारण अब चीन को अपने सैनिकों को आसपास के सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करना पड़ सकता है,

वरिष्ठ भारतीय सैन्य कमांडर के अनुसार बर्फीले-ठंडे पानी की गलवान नदी जो अक्साई चिन क्षेत्र से उत्पन्न होती है, उसका जलस्तर तापमान में वृद्धि के कारण तेजी से बढ़ गया है और तेज गति से बर्फ पिघलने से नदी के तट पर कोई भी सैन्य पोज़िशन लेना खतरनाक है

भारतीय सैन्य कमांडर के अनुसार चीन के लिए गलवान, गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स और पैंगॉन्ग त्सो में वर्तमान पीएलए पोज़िशन पर अब बने रहना कठिन होगा, साथ ही सैटेलाइट इमेजरी से भी यह बात स्पष्ट हुई है कि चीनी सेना द्वारा गलवान के पीछे लगाए टेंट्स और उनकी पोजीशन अब गलवान नदी की बाढ़ से ग्रसित है, और अब उसे अपने सैनिकों को स्थानांतरित करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा ,

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपनी लेह की विज़िट पर कहा गया था कि हम शांति चाहते है लेकिन सभी परिस्थितियों में अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए हम सदैव खड़े होंगे, जिसका सीधा सा अर्थ है कि भारत इस बार किसी भी प्रकार से पीछे हटने के मूड में नहीं है फिर चाहे या स्टैंडऑफ कितना भी लंबा क्यों ना चले

वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के अनुसार, "हम सभी घटनाओं के लिए तैयार हैं।" भारतीय सेना के M-777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, टी -90 मिसाइल फायरिंग टैंक और टॉप-ऑफ-द-लाइन कंधे पर रख फायर किये जाने वाले एंटी टैंक मिसाइल सिस्टम MANPADS जैसे हथियारों को डिप्लॉय करने के अलावा, सेनावायु सेना की तैनाती भी चौकस है सी-17 भारी-भारोत्तोलक, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और सी -130 जे स्पेशल ऑपरेशन विमान के साथ-साथ भारतीय नौसेना के पी -8आई सर्वेलेन्स विमान, तथा एयर टू एयर BVRAAM तथा एयर टू ग्राउंड मिसाइलों से लैस मिग-29 और सुखोई 30 एमकेआई भी तैयार खड़े हैं , तथा पैंगॉन्ग झील के लिए नौसेना भी पीएलए की भारी गश्ती नौकाओं से निपटने हेतु गन माउंट स्टील बोट्स डिप्लॉय कर रही है, जिनका उपयोग खारे पानी की झील के उत्तरी किनारे पर स्थित फिंगर्स पर चीन को काउंटर करने हेतु किया जाएगा।

रोहन शर्मा