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  • नमो की साज़िश : पर्यटन का खात्मा

    नमो की साज़िश : पर्यटन का खात्मा भारत की सबसे पुरानी पर्यटन की जगहों को ख़तम करने का काम सरकार कर रही है, हम कैसे भूल सकते है की विदेशी पर्यटक भारत में क्यों आते थे? क्यों आते थे अरे भाई ताजमहल राजस्थान खजुराहो के आलावा उनको भूखे नंगे लोगो को देखने का सुख मिलता था , वो चित्र अभी भी बाजार में बिकते ह...
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  • Janani : Existence exists in You & because of you .

    Janani : Existence exists because of you and in you. “If man adopt the qualities of woman, he can achieve any height of greatness. And if a woman adopt qualities (?) of man, no demon is more scary and dangerous than her ----- Munshi PremChand”  Women have hunger two fold, shyness four fold, da...
  • Is COVID 19 moment a watershed moment for laborer rich states?

    Is COVID 19 moment a watershed moment for laborer rich states? London or central England was the hub of business and trading activities in 18th century. As usual, some businessman had monopoly over the manpower and capital coupled with their connection with the administration. It was very tough for...
  • में कोरोना कीटाणु बोल रहा हूँ

      मैं कोरोना कीटाणु बोल रहा हूँ          अपने प्यारे भिड़ु लोगो को कोरोना का प्यार भरा नमस्कार अरे डरने का नहीं मैं आप को डराने नहीं आया, मैं तो खुद ही डरा डरा सा घूम रहा हूँ. कुछ बदमाश लोगो ने मुझको बदनाम जो कर दिया है. सच तो ये है कि मैं अपने खानदान का सबसे क...
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  • Surat Tragedy: Colossal Failure of Common Sense&Great Courrage

    Surat Fire Tragedy: A tale of colossal failure of Common Sense & great Courage   With heavy heart and teary eyes, my tribute to all kids who lost their lives in Surat fire tragedy , condolences to their family, Salute to Ketan for exemplary courage and prayer for speedy recovery to those who ...
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  • राजकीय गुलामी से मानसिक गुलामी तक

    राजकीय गुलामी से मानसिक गुलामी तक एक बार दो बंदर मिलकर एक रोटी को उठा लाये. दोनों ही खुश थे परन्तु एक समस्या आयी की रोटी का बंटवारा कैसे करे? उन्होंने एक बिल्ली को नियुक्त किया और उसने बंटवारा करते करते सारी रोटी खा ली.दो राज्यों के राजा आपस में दुश्मनी रखते थे परन्तु शक्ति में बराबर थे. कुछ अंग्रेज...
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  • Satyapriya Acharya! Where are you?

    Satyapriya Acharya! Where are you? After seeing agitated Ranjana , unconvinced Engineer Satyapriya Acharya who was on death bed signed bills of contractor and two tears rolled down from his eyes. मालूम नहीं ये आंसू सत्यप्रिय की मजबूरी के थे या उसकी ईमानदारी की कीमत या फिर उसकी हार के! Only Vimal D...
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  • Demonetisation and Urban Intellectuals' Debate

    Demonetisation and Urban Intellectuals' Debate Finally Reserve Bank of India announced the figure of money returned back after demonetisation of old notes of 1000 n 500.I heard from some corners that at least 10% money won't come back but I was skeptical and shared my views with our professional fri...
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  • Are we ashamed of Festival of  Rakhi?

    Are we ashamed of Festival of  Rakhi? Another festival ? Another Campaign to make us feel that we are fundamentalist and old fashioned. After annual attack on diwali and holi, this time it is RAKHI. They found pollution in diwali , wastage of  water in holi but couldn't find anything ...
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  • Reservation 2 Empowered Dalit @Cost of Dalit Youth

    DOES EMPOWERED DALIT OFFICERS N NETA DESERVE RESERVATION?Well it is a very tricky question to answer and whether we want or not, it is going to exist some more decades or may be century. You will find some very good sensible as well as ferocious  articles and speech in favor or against it. Ev...
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  • प्रतिभा का पलायन ??

    प्रतिभा का पलायन बचपन से प्रतिभा पलायन के अवगुण को सुनता हुआ बड़ा हुआ! जब जब डॉक्टर और इंजीनियर के  परिणाम आते , प्रतिभा पलायन की चर्चा जरूर होती थी!कैसे प्रतिभा हमारे देश से पलायन कर रही है, कैसे हम अपने युवाओ को इतना पैसा खर्च कर , शिक्षित कर  डॉक्टर , अभियंता बनाते और वो कैसे विदेश ...
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  • फेयर & लवली

    फेयर & लवली आखिर हम कब तक फेयर & लवली के पीछे भागेंगे? फेयर & लवली होना हमारे हाथ में ना की किसी क्रीम में.फेयर होने का मतलब हे की हम अपने हर संबध में फेयर रहे चाहे बो पारिवारिक हो या फिर व्यापारिक.महान गुरु चाणक्य के अनुसार अगर आप अपने ब्यबहार में फेयर हे तो सफलता आपके कदम चूमती हे. कुछ...
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  • दिमाग घर पे रखा हे क्या?

    दिमाग घर पे रखा हे क्या?बचपन में जब भी स्कूल में जबाब देने में असफल होते थे, पिटाई के साथ, सवाल जिसमे उसका उत्तर भी छिपा रहता था, " दिमाग घर में छोड़ के आये हो क्या"कल जब मेने ऑफिस में अपने सहयोगी से छोटा सा जोड़ करने को बोला तो बो बोला "सर में मोबाइल लेके आता हू, मेने पूछा जोड़ का मोबाइल से क्या  ...
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  • Our priorities and Importance

    We are incredible people. To settle personal scores, we defame our own country, own organisations. We forget if our country or organization is bad then how we can good or even we are good who is going to believe? What is happening after Kathua Rape case, just to settle score with one party or polit...
  • अँधा कानून के बाद आ गया अब अँधा समाज

    ये अँधा कानून है, ये अँधा कानून है!ये लोकप्रिय गाना आपने अमिताभ के मुँह से सुना होगा, हम लोग गाते भी है और हमरे नेता और पत्रकार भाई अपनी सुविधा के हिसाब से पक्ष और विपक्ष में उपयोग कर लेते है.क्यों कर लेते है, अब भैया सही कारण तो वो ही जाने लेकिन हमको लगता है उनको हमारा समाज भी अन्धो का समाज ही लगता...
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